Thursday, 29 August 2019

गोल्डन डेज पर किसकी बुरी नज़र??


आपलोगों को शायद अपना बचपन याद होगा खूब सारे ओउत्दोर्स गेम्स कभी कंचे,कभी क्रिकेट,कभी बैडमिंटन,लुक्का चुप्पी, आम पेड़ के आम तोड़ तोड़ के खाना में बहुत इंजॉय तो ज़रूर ही करते होंगे आपलोग... मेरी मम्मी के ज़हन मेंतो अभी तक अपनी गर्मी की छुट्टियों की यादें ताज़ा हैं कैसे सबलोग गाँव जाकर छुट्टियाँ मनाकर सारे भाई बेहेन मिलकर खूब सारे गेम्स खेलते थे... हमलोगों को तो इमेजिन करके भी बहुत अच्छा लगता है की कितने एंजोयमेंट के साथ गर्मी की हॉलीडेज बीतती होंगी...पर अब शायद उन गोल्डन डेज पर किसी की बुरी नज़र लग गयी है और वो बुरी नज़र वाले हैं आज कल बच्चो के फ्रेंड ‘’गैजेक्ट्स’’...इन गैजेट्स की वजह से ही बच्चे आउटडोर्स गेम्स से बचकर अपने आई फ़ोन, आई पेड या लैपटॉप पे अपना आधे से भी ज्यादा टाइम स्पोइल करते हैं और इन्ही सब की वजह से आज बच्चो में गाँव जाकर खेत देखने और आम तोड़ तोड़ के खाने का कोई क्रेज नहीं है वो इन सबको अपने गैजेट्स के आगे उसकी जूती भी नहीं मानते हैं यही रीज़न है की अब बच्चों के हाथ में आई फ़ोन होता है और बैडमिंटन रैकेट, और क्रिकेट का बल्ला धुल खाते हुए पड़ा रहता है अगर गलती से भी उनका गैजेट टूट जाए या खराब हो जाए वो ऐसे रियेक्ट करते हैं जैसे उनका गैजेट कोई लिविंग थिंग हो...आज कल की यही टेक्नोलॉजीस बच्चो को मानसिक रूप से बीमार कर रही हैं और उनको चिड-चिड़ा बना रही हैं...पहले के कुछ समय तक तो बच्चो में साइकिललिंग का बहुत क्रेज था हर कोई सिर्फ साइकिल चलाते हुए ही दीखता था बट अब सबकी साइकिल कोने में धुल खाती पड़ी रहती है...लैप्तोप्स सिर्फ खेलने के लिए ही नहीं बनें हैं इसमें हम क्रिएटिव चीज़ों पर भी सर्च कर सकते हैं और नए नए एप्स से हम और भी नयी नयी चीज़ें सीख सकते हैं...आज कल के तो स्टूडेंट्स को देखिये स्कूल या कॉलेज से आये बैग एक तरफ फेंका और शुरू हो गए अंगूठा घिसना अब तो शायद... आपको भी बहुत कम ही बच्चे अपनी कॉलोनी ने नीचे खेलते हुए दीखते होंगे मैं सिर्फ ये ही नहीं कह रही की वो अपने गैजेट्स की दुनिया में खोये होंगे मैं ये कह रही हूँ की आज के स्टूडेंट्स अपने क्लासमेंट्स से भी आगे निकलने के लिए तैयार खड़े हैं और जैसे ही उनको खाली टाइम मिलाता है बार शुरू हो जाते हैं अंगूठा घिसना...पर शायद ये गैजेट्स हमपर इस तरह हावी हो रहें की चाह कर भी हम इनसे दूर नहीं रह सकते.
आप सब भी जितना ज्यादा हो सके आउटडोर्स गेम्स खेलें ताकि गोल्डन डेज वापस फिर से आकर पुराने गेम्स का वेलकम बेक कर सकें.    

Journey of a happy life...!!!!

शादी,  ये सिर्फ एक शब्द नही है, शादी का असल मतलब आप तब समझ सकते हैं जब आप उस समय को महसूस करते हैं, उसके एक- एक मिनट को जीते हैं। शादी तय हो...