
आज कल पूरे देश में सफाई अभियान ज़ोर शोर से चल रहा है। हमारे ऑनरेबल पीएम अंकल ने भी काफी देर तक झाडू लगाईं थी सडक़ों पर। अगर आप
देखें तो टीवी और रेडियो पर भी साफ़ सफाई की मुहिम छिड़ी हुयी है। हर कोई अपने आसपास सफाई रखने पर जोर दे रहा है। हमारे देश के कुछ क्रिकेट के चैंपियंस तो सुबह 4 बजे उठकर सफाई कर रहे हैं। और तो और जिन एक्टर्स और एक्ट्रेसेस को हमलोग सेल्फ सेंटर्ड कहते हैं वो भी अपने इंडिया
की सफाई के लिए आगे आ रहे हैं । चाहे कोई भी हो, पोलिटिकल पार्टीज के नेताओं
के हाथ में भी आपको झाडू दिखेगा। पर शायद कुछ लोग ऐसे हैं जो एक ही जगह
बार बार घूम घूम के झाडू लगा रहे हैं और कुछ तो ऐसे हैं की जहां भी कैमरा
दिखे वहां अपनी झाडू लिए शुरू हो जाते हैं। अभी कुछ ही दिनों पहले टीवी पर
देखा कि दो लोग टीवी पर आने के लिए झाडू लगा रहे थे । इसी बीच उन
दोनों में लड़ाई हो गयी और अपनी अपनी झाडू उठाकर लडऩे लगे। उन्हें ये
नहीं पता था की यही लड़ाई टीवी पर आ जायेगी और वो हंसी के पात्र बन जाएंगे।
आप ही सोचिये की ये तो कोई सफाई नहीं हुयी जबकि आप टीवी पर आने के
लिए ऑलरेडी साफ़ जगहों पर झाडू लगा रहे हो। ये लोग तो सिर्फ अपनी
पब्लिसिटी करने के लिए ही साफ़ जगहों पर झाडू लगा रहे हैं(जो जनता को दिख
भी रहा होता है)। हद तो तब हो जाती है जब दो गुटों में टीवी पर आने की
उत्सुकता की वजह से जूते चप्पल चल जाते हैं । और वो खबर सीधे टीवी में
ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाती हैं। पर ये क्या बात हुयी आपका इरादा तो टीवी पर आने का था वो पूरा तो हो जाता है पर जिन लोगों से आप अपनी तारीफ़ कराना चाहते हो वो लोग आप पर उल्टा हाथ दिखाकर हँसना शुरू कर देते हैं।
अब आप ही बताइये की क्या ऐसे हम अपनी कंट्री को सुधार सकते हैं? क्या इन
छोटी छोटी बातों पर लाठी डंडे या जूते चप्पल चला कर हम अपनी कंट्री को
साफ़ कर पाएंगे? क्या हमारी अपनी आस पास गंदगी फैलाने की मानसिकता कभी
बदल पाएगी? पर चलिए हमारे देश में कुछ ऐसे भी लोग
हैं जिनको अपने आस पास कैमरा न होने से कोई फर्क भी नहीं पड़ता। वो सिर्फ
अपनी कंट्री को साफ़ देखना चाहते हैं और ये विश ज़रूर पूरी होगी उनकी अगर
पूरी कंट्री उनका साथ दे तो।...तबतक आप थोडा झाडू लगाइए पर ये मत बोलिएगा
की मुझे झाडू लगाते टीवी पे देखा क्या ?