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Sunday, 11 January 2015

कहां गुम को गए टॉम एंड जेरी

   
क्या बच्चे क्या बड़े,
टॉम एंड जेरी सब के चहेते हैं. इनके कार्टून्स को आप जितना चाहो नहीं भूल सकते. वो चूहे-बिल्ली का लुक्का छुपी का खेल तो आपको याद होगा ही उसकी शुरुआती धुन को सुनकर ध्यान उधर ही जाता था. एक एपिसोड ख़त्म होने के बाद बीच में जो ब्रेक आता था वो बहुत गुस्सा दिलाने वाला होता था. अगर कोई भी एपिसोड गलती से भी मिस हो जाता था तो मूड की ऐसी की तैसी हो जाती थी. वो प्यारा सा टॉम और छोटा सा चूहा जेरी कभी लड़ पड़ते थे तो कभी तीसरे बिल्ले को मज़ा चखाने के लिए एक हो जाते थे. सबसे प्यारा एपिसोड तो वो लगता है जिसमे तीसरा छोटा सा चूहा पूरे घर को तहस नहस कर देता है. और वो मोटी सी मालकिन आपको याद है जिसका चेहरा कभी भी नहीं दिखाया जाता था, कितना परेशान रहती थी इन चूहे बिल्ली के खेल से.पर अब शायद ये खेल हमारी यादों में ही जिंदा है क्योंकि उनके डायरेक्टर जोसफ बारबरा हमारे बीच नहीं हैं। उनके बाद किसी ने भी टॉम एंड जेरी के एपिसोड्स नहीं लिखे और इसकी लिखी गयी स्टोरीज किताबों में ही दफऩ हो गयी.आज कल तो कई और कार्टून्स को पर्दे पर लाया जा रहा है निंजा, हतौरी,डोरेमोन,शिन्चैन परमैन और भी बहुत सारे पर शायद ही ये सब टॉम एंड जेरी की बराबरी कर पाएं. मेरे लिए तो टॉम एंड जेरी नंबर वन है और रहेगा. आज कल के कार्टून्स में हंसी से ज्यादा वायलेंस भरा होता है. उसे देखकर छोटे बच्चो में इनोसेंस की जगह  वायलेंस आ जाता है. टॉम एंड जेरी ने मुझे सिर्फ हंसाया है मेरे साथ मेरी पूरी फैमली मिलकर टॉम एंड जेरी देखती थी और शायद ही हमने इसका कभी कोई एपिसोड मिस किया हो. पर अब टॉम एंड जेरी के नए कार्टून्स हिस्ट्री का एक पार्ट बन गए हैं. वो कहीं जिंदा हैं तो यू ट्यूब पर. उसी को दख देख कर मन उदास हो जाता है . कहां वायलेंस से भरे कार्टून्स और कहां टॉम एंड जेरी जो बच्चों को खूब हंसाते थे। लेकिन ऐसे कार्टूनस बनाना बच्चों का खेल नहीं।

Journey of a happy life...!!!!

शादी,  ये सिर्फ एक शब्द नही है, शादी का असल मतलब आप तब समझ सकते हैं जब आप उस समय को महसूस करते हैं, उसके एक- एक मिनट को जीते हैं। शादी तय हो...