Tuesday, 25 October 2016

क्या लिखूं???

                       क्या लिखूं???
अपनी मन की बातें लिखूं,
या अपनी हर कहानी लिखूं.
अपनी बचपन की वो यादें लिखूं,
या अपनी हर ख़ुशी का एहसास लिखूं.
नानीजी की वो बातें लिखूं,
या उनको खोने का गम लिखूं.
स्कूल के पहले दिन की बातें लिखूं,
या ग्रेजुएट होने की वो ख़ुशी लिखूं.
दिन में चेहचाहा रही उस चिड़िया के बारे में लिखूं,
या रात में उसे लगने वाले डर के बारे में लिखूं.
दीदी को सारा दिन परेशान करने के बारे में लिखूं,
या उसकी हर समय आने वाली याद लिखूं.
क्या लिखूं..........
क्या लिखूं..........
क्या लिखूं..........

                 -तेजस्विनी ओझा 

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