हरियाली फैलाता कौन...??
धरती एक बहुत ही सुन्दर सी जगह जहां हम सब लोग रहते हैं एक अनोखा प्लेनेट जहां प्रकृति हम पर मेहरबान है क्या नही है हमारी धरती पर पानी उपजाऊ मिटटी और सबसे ज़रूरी चीज़ पेड़ पौधे जिनसे हमें ऑक्सीजन मिलती है पर पता नही क्यों लोगो को ये बात समझने में वक़्त लगता है की पेड़ हमारे वातावरण के लिए ज़रूरी है. जहां ज़रुरत पड़ी लकड़ी है वहाँ लगे पेड़ पर आरी चलाने या अगर कोई पेड़ कार खडी करने का रास्ता रोक रहा है तो बस आ जाता है लोगों को गुस्सा और उतार देते हैं पेड़ों पर.ये आगे जाकर आपके लिए ही नही नेचर के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है. आईये आपको एक कहानी सुनाती हूँ मेरे घर के पास एक नया पेड़ लगा है गुलमोहर का और देखते हुए ख़ुशी हो रही है की वो पेड़ बारिश की बूंदों के साथ बड़ा हो रहा है. आपको हैरानी होगी जब आपको ये पता चलेगा की वो पेड़ वन विभाग के अधिकारोयों ने नही बल्कि एक बूढ़े आदमी ने लगाया है जब पहली बार मैंने उस आदमी को पेड़ लगाते हुए देखा था तो लगा शायद कपडे डालने के लिए वो तार लगा रहा होगा पर जब एक दिन हमलोग तेहेलने निकले तो देखा की उस पेड़ में पत्तियाँ आ रही हैं यकीन मानिए मेरा मन ख़ुशी से झूम रहा है मुझे इंतज़ार है की कब वो पेड़ बड़ा होगा. तो देखा आपने जब एक वृद्ध आदमी उस पेड़ को लगा सकता है अपने पर्यावरण का ध्यान रख सकता है तो हम और हमारा यूथ क्यों नही, आज के यूथ के पास एडवांस टेक्नोलॉजी के गैजेट्स हैं 4जी फ़ोन है अनलिमिटेड डाटा है तो क्या एक कदम हमलोग अपने पर्यावरण को बचाने में नही ले सकते हमलोग प्राइमरी से पढ़ते आ रहे हैं की पेड़ हमारे नेचर के लिए सबसे ज़रूरी है पर शायद बड़े होकर हमलोग वो लेसन भूल चुके हैं. प्लीज आज के समय में हमारे नेचर को प्योर हवा की ज़रुरत है हमें प्योर हवा की ज़रुरत है 1970 में हुए चिपको आन्दोलन को फिर से शुरू करने की ज़रुरत पड़ने लगी है. अपने थोड़े से टाइम के बेनिफिट के लिए अपने पर्यारण को जोखिम में मत डालिए पर ये देखकर अच्छा लगता है की कुछ लोग वन विभाग के लगाए पेड़ों की जाली न बेचकर उन पेड़ों का अच्छे से ध्यान रख रहे हैं वो लोग ज्यादा पढ़े लिखे नही हैं पर अपने नेचर का ख्याल रखना उन्हें बखूबी आता है. आप भी चाहे तो दूर नही अपने घरों के पास पेड़ लगा सकते हैं बाहर निकलिए अपने आस पास देखिये पेड़ काटने वालों को रोकीये जितना हो सके ईको फ्रेंडली चीज़ों का इस्तेमाल करीए मैं यूथ से कहना चाहती हूँ आप चाहें तो कुछ भी कर सकते हैं नेचर से रिलेटेड बुक्स पढ़िए गूगल सर्च करीए नही तो ग्लोबल वार्मिंग जैसी हानिकारक लेयर हमारी प्यारी से धरती को नष्ट कर देगी. आई थिंक आप तक मेरे कहने का मतलब पहुच गया होगा बाकी सारी एक्टिविटीज हमे आपको और हमको मिल कर करनी होगी मैं तो तैयार हूँ क्या आप तैयार हैं..??
5 comments:
बहुत ही सुन्दर लिखा। पेड़ों को बचाना ही चाहिए हर हाल में हर इंसान को वरना हमारी आने वाली पीढियां खून के आंसू रोयेंगी और हम सब को कोसेंगी।
बिल्कुल सही कहा चाचा आपने। थैंक्यू।
It's amazing thought.this is a true fact of life.
Everybody learn by this article.its such of outstanding thought.
Congratulations
Thank you so much Nitin..!!
वाह सोनचिरैय्या....
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