सालो पहले ये गाना काफी प्रचलित हुआ था...चाय
वाले के ठेले से लेकर लाउन्ज,दिस्कोस में भी ये गाना काफी प्रचलित था....भलेही इस
गाने का मतलब किसी को ना समझ में आये या शायद कुछ को आये भी ...वाह कितने भोले है
हम भारतीय दो साल पहले आई फिल्म डेल्ही बेली में गाना था भाग भाग डीके बोस स्कूल
से लौटते वक्त एक बच्चा जो ५ साल का होगा
उसे गाते हुए सुना...जो बच्चा जिसे इस गाने का मतलब भी ठीक से नहीं पता वो
बच्चा इस गाने को इतना खुश होकर गा रहा है
जैसे कोई भगवान् का भजन गा रहा हो...हम गाने के मतलब से ज्यादा उसके म्यूजिक पर
ज़ोर देते है की उसमें किस तरह का म्यूजिक है उसमें किस तरह के म्यूजिकल
इंस्ट्रूमेंट्स का यूस किया क्या है चाहे उस गाने में कितने ही अपशब्द कितनी ही
गाली गलौच क्यों न हो पर हमारा यूथ उस गाने को लीड के थ्रू सुनने में मज़ा का अनुभव
करता है...पुराने गाने जो मीठे और सुन्दर हुआ करते थे उनको यूथ अब बाबाजी का
ठुल्लू दिखा रहा है...दम मारो दम पुराना गाना है पर इसमें कोई अपशब्द का इस्तेमाल
नहीं हुआ है पर कुछ सालो पहले फिल्म दम
मारो दम में ही इस गले तो सुनिए तो आपको पता चल जाएगा की दोनों में क्या फर्क
है...हिंगलिश गाने भी बड़े प्रचलित हैं अब तो अगर फिल्म अच्छी भी हो पर उसके शब्दों
में शराब,बीडी आदि मादक पदार्थो के शब्दों का प्रयोग होता है तो आगे की फिल्म
देखने को मन ही नहीं करता हम फिल्मो की तुलना उसके गानों से करते हैं अगर गाना
बकवास है तो फिल्म अच्छी होने के बावजूद हम गानों के आधार पर उसे बकवास घोषित कर
देते है...जैसे में आई फिल्म 3 इडियट्स में गाने की एक
लाइन थी “स्कालरशिप की पी गया दारु गम तो फिर भी पिटा नहीं” इस गाने से आप फिल्म
का गलत अंदाजा लगा सकते हैं....पर बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने अच्छी खासी कमाई
की...स्टार्स भी काफी अच्छे मिले अगर हम फिल्म बनाते समय गाने भी अच्छे एडिट करें
तो सोचिले फिर तो फिल्म की बॉक्स ऑफिस की मौजा ही मौजा......प्लीज इस बारे में
सोचिये गा ज़रूर तब तक बजाते रहिये “व्हाई दिस कोलावेरी डी”
तेजस्विनी
ओझा.. J
2 comments:
Ye dhanush se poocho ..:-p
Ab sirf shot rah gaya hai.
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