Tuesday, 3 June 2014

      HAPPY ENVIORNMENT  DAY TO ALL MY READERS J
आज सुबह जल्दी उठी तो सोचा  की कुछ देर खिड़की पे बैतू तो देखा हलकी सी धूप और सामने 5 हरे-हरे पेड़ मैंने सोचा की इतनी गर्मी में जब हम सब उमस से बेहाल हैं कैसे ये पेड़ इतने हरे भरे और फूलों से लदे हुए हैं...आम के पेड़ पर पत्तियां कम और आम ज्यादा हैं,गुलमोहर के पेड़ पर फूल ज्यादा हैं चारो तरफ सिर्फ हरियाली ही हरियाली है सूबह-सुबह चिड़िया,गिलहरी और तितलियाँ चारो तरह घूम रही हैं...इमैजिन करिए कितना प्यारा सीन होगा वो पर शायद कुछ लोगो को इसकी कोई कद्र नहीं है इसीलिए वो पेड़ कट-कट कर उसकी लकड़ियों तो यूज़ करते हैं कभी ये भी नहीं सोचते की इसी की वजह से हम सांस ले रहे हैं हमको दवाइयां मिल रही हैं आपको लग रहा होगा की मैं आज पेड़-पौधों की बात क्यों कर रही हूँ एक्चुअली वर्ल्ड एनवायरमेंट डे है तो पेड़ के बारे में ब्लॉग लिखना तो बनता है ...शायद मेरा ये ब्लॉग कुछ ज्यादा ही छोटे बच्चो वाला हो गया पर आज मैं छोटा बच्चा बनना चाहती हूँ...ये पेड़ काटने से क्या मिलता है इनको मेरे घर के पास तो पेड़ लगाने वाले हज़ार शौकीन है पर पूरी दुनिया इनकी तरह नहीं है जो गर्मी में आपको छाया दे अगर आप उसी को काट दो  तो ये तो अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है..और अगर आप पेड़ नहीं भी काट रहे हो तो अपने आस पास खाली पड़ी ज़मीन पर पेड़ लगाइए चाहे वो फूल के ही हों पर एक बार लगाइए तो कम से कम आपको सुकून तो मिलेगा ही की मैंने अपनी अर्थ को थोडा सा तो हरा भरा किया अगर आप मेरी बात से अग्री करते हैं तो निकालिए खुरपी,बीज,पान इऔर जाईये बाहर लास्ट में एक पोएम की छोटी सी लाइन-
         अगर न होता पेड़ तो बोलो हरियाली फैलाता कौन,
         अगर न होती मैं तो बोलो ये सब प्रश्न उठाता कौन....:)

          


2 comments:

rajiv said...

Agar har bachcha isee tarah hariyali aur pryavaran bachane ki soch le to ..tree bache rahenge

Unknown said...

happy environment day

Journey of a happy life...!!!!

शादी,  ये सिर्फ एक शब्द नही है, शादी का असल मतलब आप तब समझ सकते हैं जब आप उस समय को महसूस करते हैं, उसके एक- एक मिनट को जीते हैं। शादी तय हो...