Thursday, 11 August 2016

                                                              कर दिखाउंगी मैं...
अँधेरे क्यों इतना गुरूर में है तू,
एक दिन सुबह भी मैं लाऊंगी,
उसी सुबह का हाथ पकड़ के,
लोहे से सोना बन के दिखाउंगी.
         -- राजीव तेजस्विनी ओझा.

Journey of a happy life...!!!!

शादी,  ये सिर्फ एक शब्द नही है, शादी का असल मतलब आप तब समझ सकते हैं जब आप उस समय को महसूस करते हैं, उसके एक- एक मिनट को जीते हैं। शादी तय हो...